ग्रेटर नोएडा पुलिस का दावा है कि वह बायर्स के हितों के लिए बिल्डर्स पर अंकुश लगाएगी

ग्रेटर नोएडा पुलिस का दावा है कि वह बायर्स के हितों के लिए बिल्डर्स पर अंकुश लगाएगी

March 27, 2017 | Monday


ग्रेटर नोएडा: एक तरफ पुलिस अपने ट्विटर हैंडल से कह रही है कि रियल एस्टेट के मामलों की शिकायत क्रेडाई से करें, वहीं ग्रेटर नोएडा में पुलिस का दावा है कि वह बायर्स के हितों के लिए बिल्डर्स पर अंकुश लगाएगी। पुलिस बिल्डरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करेगी और सभी मामलों की रिपोर्ट शासन को भेजेगी।

एस. एन. वर्मा नामक शख्स ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल से सीएम योगी आदित्यनाथ, सीएम ऑफिस, यूपी पुलिस और डीजीपी को ट्वीट कर बिल्डर्स की मनमानी की जानकारी दी। उन्होंने इन सबको 19 ट्वीट करके आरोप लगाया है कि बिल्डर बायर्स के साथ चीटिंग कर रहे हैं। पुलिस उनके खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखती। आरोप लगाया गया है कि पुलिस और बिल्डर मिले हुए हैं। लिहाजा बायर न्याय के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने सीएम से मांग की है कि पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाएं। उन्हें नोएडा पुलिस पर भरोसा नहीं है।

इसके बाद ट्विटर पर ही यूपी पुलिस की ओर से नोएडा पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नोएडा पुलिस ने ट्वीट कर एस. एन. वर्मा को बिल्डरों की संस्था क्रेडाई में शिकायत करने की सलाह दे दी। इससे गुस्साए एस. एन. वर्मा ने ट्वीट कर सवाल उठाया कि फ्रॉड की शिकायत बिल्डरों की संस्था क्रेडाई से क्यों की जाए? उन्होंने क्रेडाई की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया। साथ ही ट्वीट कर सीएम योगी से कहा कि पुलिस बिल्डरों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पुलिस व बिल्डरों का गठजोड़ तोड़ने की मांग की है।

मजेदार बात यह है कि नोएडा पुलिस के इस अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर क्रेडाई से शिकायत करने के लिए कहा जा रहा है जबकि ग्रेटर नोएडा में पुलिस दावा कर रही है कि वह बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। सीओ ग्रेटर नोएडा-2 अभिनंदन का कहना है कि बिल्डरों की काफी शिकायतें हैं। जिन शिकायतों का निपटारा बाचतीच से हो सकता है, उसके लिए बिल्डरों से बात की जाएगी। बायर्स से अपील की गई है कि अपनी शिकायतें पुलिस में दर्ज कराएं। उसके बाद बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही बिल्डरों के खिलाफ दर्ज शिकायतों को कैटिगरी के मुताबिक कंपाइल करके शासन को भेजा जाएगा। सीओ का कहना है कि इसके लिए महीने भर अभियान चलाया जाएगा। पुलिस की कोशिश है कि बायर्स को जल्द से जल्द अपना घर मिल जाए।

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में बिल्डर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। बिल्डरों ने बुकिंग के दौरान तीन साल के अंदर पजेशन देने का वादा किया था, लेकिन अधिकांश 7 साल में भी पजेशन नहीं दे सके हैं। कई बिल्डर प्रोजेक्ट पर काम बंद हैं, तो कई ने काम ही नहीं शुरू किया है। बिल्डरों पर फ्लैट नंबर बदलने, बुकिंग रद्द करने आदि आरोप लग चुके हैं। एवीजे हाइट्स बिल्डर पर एक ही फ्लैट को कई बार बेचने का आरोप लगा है।

बायर अपनी शिकायतें पुलिस में दर्ज कराएं, उसके बाद बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। -अभिनंदन, सीओ-2 ग्रेटर नोएडा

Source: Nav Bharat Times


MUST WATCH